Interesting And Unknown Facts About MARS ||| अद्भुत और अविश्वसनीय बाते मंगल ग्रह के बारे में।
Interesting And Unknown Facts About MARS ||| अद्भुत और
अविश्वसनीय बाते मंगल ग्रह के बारे में।
हम सब जानते है कि वैज्ञानिक सब से ज्यादा जिस ग्रह के बारे में जानते है वो मंगल ग्रह है ,
चुकी , मंगल ग्रह है ही एक रहस्यमय ग्रह क्यूकि सब को लगता है की MARS पर जीवन
मुमकिन है। जो वास्तव में भविष्य में संभव हो सकता है।
हम जानते है कि मेथेन ( CH4 ) गैस एक जैविक पदार्थ से उत्पन्न होने वाला गैस है ; जो मानव के
स्थान की वजह तथा मानव की गतिविधि की वजह से उत्पन होता है व अस्तित्व में आता है।
मगर आप को जान कर हैरानी होगी कि मंगल ग्रह पर भी मेथेन पाया गया है;
जिसके बारे में वैज्ञानिक कह रहे है कि शायद इस गृह पर पहले जीवन सम्भव था
और कुछ कारणों की वजह से इस गृह पर से मानव जाति का विनाश हो गया।
या , हो सकता है कि हम मानव जाति जो अभी धरती पर रहते है वो बहुत साल पहले मंगल ग्रह
पर रहते थे। और , कुछ कारणों जैसे की उल्का पिंड का आक्रमण , भूस्खलन व ज्वालामुखी के
वजह से इस ग्रह पर से मानव जाति का विनाश हो गया होगा।
मेथेन के होने का और भी कारण जैसे मंगल ग्रह के धरती के निचे कुछ प्रकार के रासायनिक
प्रक्रिया हो रहा होगा ; जिसकी वजह से ये पाया जाता हो। खैर , कारण कुछ भी हो ये सब तथ्य बस
अंदाजा है।
चूकि , मंगल ग्रह अपने सौरमंडल में सूर्य से चौथा ग्रह है ; पृथ्वी से मंगल ग्रह की आभा लाल रंग
के प्रतीत होता है और इसी वजह से इसे लाल ग्रह भी कहते है।
BTW इस मंगल ग्रह के जो लाल रंग प्रतीत होते है वो फेरिक आक्साइड की उपस्थिति की वजह से
होते है।
यह ग्रह मनुष्य के रहने योग्य नही है क्योंकि यहाँ का औसत तापमान -55 डिग्री सेल्सीयस होता है.
तथा, सर्दियो के दौरान यहाँ का तापमान -87 डिग्री सेल्सियस हो जाता है और गर्मियों में -5 डिग्री सेल्सियस
तक हो जाता है। सौरमंडल के ग्रह दो तरह के होते है स्थलीय ग्रह तथा गैसीय ग्रह इसमें से
हमारा ग्रह यानी पृथ्वी स्थलीय ग्रह है; और ठीक इसी प्रकार मंगल ग्रह भी एक स्थलीय ग्रह है।
और इसी वजह से माना जाता है कि मंगल ग्रह पर जीवन सम्भव हो सकते है।
क्यूकि , इस ग्रह पर पृथ्वी की तरह ही जवालामुखी ,बड़े -बड़े पहाड़ जो हमारे mount -everest से
भी ऊंचे है ,घाटिया ,रेगिस्तान तथा वीरान जगह है।
वैसे आप को जान कर हैरानी होगी कि सौरमंडल का सबसे उच्च पर्वत OLYMPUS - MONS
मंगल ग्रह पर ही स्थित है। साथ ही , विशालतम घाटी यही पर स्थित है जिसका नाम VALLES
MARINERIS चूकि , मंगल ग्रह के घूर्णन काल तथा मौसमी चक्र अपने पृथ्वी के सामान है इसी
वजह से वैज्ञानिको को लगता है कि इस पर जीवन संभव हो सकता है।
MARINERIS चूकि , मंगल ग्रह के घूर्णन काल तथा मौसमी चक्र अपने पृथ्वी के सामान है इसी
वजह से वैज्ञानिको को लगता है कि इस पर जीवन संभव हो सकता है।
जैसा कि वैज्ञानिको का कहना है प्राचीन काल में इस गृह पर मानव - जाति थी , पर कुछ वजह से
सब विलुप्त हो गए। क्योकि , मंगल ग्रह के दक्षिण ध्रुव तथा उत्तरी ध्रुव पर DRI -ICE ( शुष्क
बर्फ) जो उच्च दाब तथा उच्च ताप पर पानी में बदल सकता है।
लेकिन , मंगल ग्रह के वातावरण सरल है जिसमे ना तो उच्च दाब तथा उच्च ताप जिसकी वजह
से वो द्रव में बदल सकता है।
# MANGAL GRAH PAR PAR PAAYE JAANE WALA Elements .
मंगल ग्रह एक स्थलीय ग्रह है जो सिलिकॉन और ऑक्सीजन युक्त खनिजों ,धातुओं और भी अन्य
तत्वों को शामिल करता है जो मुख्य रूप से ऊपरी चटान बनाते है।
मंगल ग्रह की ज्यादा भाग व सतह मुख्यत: थोलेईटिक बेसाल्ट से बनी है ;सिलिकॉन और
ऑक्सीजन के अलावा, मंगल की पर्पटी में बहुतायत में पाए जाने वाले तत्व लोहा, मैग्नेशियम, एल्युमिनियम,
कैल्सियम और पोटेशियम है।चूकि , मंगल को पृथ्वी से नंगी आँखों से देखा जा सकता है।
# कुछ रोचक बाते !!!
1. यूनान के लोग मंगल को युद्ध का देवता मानते हैं।
2. मंगल ग्रह को पृथ्वी से नंगे आँखों से भी देखा जा सकता है.
3 . मंगल का वायुमंडल 95% कार्बन डाइऑक्साइड, 3% नाइट्रोजन, 1.6% आर्गन से बना हैं और
ऑक्सीजन और पानी के निशान शामिल हैं।
4 . मंगल ग्रह पर कई बार हलके वायुमंडल की वजह से धूल भरे तूफान आते रहते है , जो
मंगल ग्रह को भी देख देते है।
5 . मंगल पर एक दिन 24 घंटे 37 मिनट का होता है जो पृथ्वी के लगभग बराबर ही है जिसे सोलर
डे कहा जाता है।
6 . धरती की तरह मंगल में भी साल में चार मौसम आते हैं- पतझड़, ग्रीष्म, शरद और शीत. धरती की
तुलना में मंगल में हर मौसम लगभग दोगुना वक्त तक रहता है।
7 . यह ग्रह पृथ्वी की तुलना में सूर्य से 1.52 गुना अधिक दूर है, परिणामस्वरूप मात्र 43% सूर्य
प्रकाश की मात्रा ही मंगल पर पहुँच पाती है।
8. मंगल सूरज से 14.2 करोड़ मील की दूरी पर है. धरती की तुलना में मंगल ग्रह लगभग
इसका आधा है. मंगल का व्यास 4,220 मील है. लेकिन वजन की बात की जाए को मंगल
धरती के दसवें हिस्से के बराबर है।
9. मंगल सूरज का पूरा चक्कर 687 दिनों में लगाता है. इस आधार पर धरती की तुलना में
मंगल सूरज का चक्कर लगाने में दोगुना वक़्त लेता है और यहां एक साल 687 दिनों का
होता है।
10. धरती और मंगल पर गुरुत्वाकर्षण शक्ति अलग होने के कारण धरती पर 100 पाउंड वज़न
वाला व्यक्ति मंगल पर 38 पाउंड वज़न का होगा।
इसके अतरिक्त और भी बहुत तथ्य बाकी है ; पर मुझे लगता है मैं ज्यादा ही लिख दिया
है!!!
# MANGAL GRAH KE CHAAND
1. फ़ोबोस
खैर , ये दो चाँद बहुत मह्त्वपूर्ण है जिसके बारे में मैं अगले blog में लिखूंगा; तो इसी के साथ मैं Ainesh Kumar आप से विदा लेता हूँ , मैंने अपना काम कर दिया अब आप की बारी इसे पढ़े और SHARE करे !!!
आपका धन्यवाद !!!
Posted By Ainesh Kumar




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मैं आप सबका शुक्रिया अदा करता हूँ की आप ने मेरे आर्टिकल को पढ़ा और इतना सारा प्यार दिया . अब अगर आप को कोई Confusion है, तो आप कमेन्ट में पूछ सकते है .धन्यवाद . Follow:- https://gyanvigyafacts.blogspot.com/