On page seo kya hai in hindi- On page seo kya hota hai- ऑन पेज seo क्या है- kaise karte hai-On page seo meaning in hindi
On-page SEO kya hai in Hindi- On-page SEO kya Hota hai- ऑन पेज SEO क्या है- Kaise Karte hai-On page SEO meaning in Hindi
![]() |
| on-page-seo-kya-hai-tutorial-in-hindi |
दोस्तों पिछले आर्टिकल में हमने जाना था की seo क्या है, seo करना क्यों जरुरी होता है किसी भी वेबसाइट को Grow कराने के लिए और मैंने उस आर्टिकल में यह भी जाना था की कितने प्रकार के SEO होते है, फिर हमने जाना की 2 प्रकार के seo होते है जिसमे से हममे Off-Page SEO जाना था लेकिन आज के इस आर्टिकल में हम जानेंगे की On-Page SEO क्या होता है, इसमें कौन-कौन से Factorहोते है और किसी भी वेबसाइट /ब्लॉग के लिए ऑनलाइन seo क्यों जरुरी है . उस से पहले अगर आप ने पहले का आर्टिकल नहीं पढ़ा है तो पढ़ सकते है , मैं उसका लिंक निचे दे रहा हूँ .
तो आईये अब हम शुरू करते है उससे पहले हम In Short में जान लेते है की SEO क्या है, kyuki हम इसके Type के बारे में आज बात करेंगे तो हमें पहले seo के बारे में जानकारी होनी चाहिए .
SEO यानी की search engine optimization होता है, आब आप ने इसके फुल फॉर्म तो जान लिया है लेकिन मतलब क्या है इसका यह भी जान लीजिये दोस्तों Off-Page seo और On-Page seo के द्वारा कई सारे लोग लाखों के ट्रैफिक अपने वेबसाइट पर लाते है . वो seo के रूल या algorithm को समझते है और अपने वेबसाइट /ब्लॉग को search engine में रैंक Top पर लाते है . दोस्तों आप ने देखा होगा की जब भी आप गूगल से कोई information लेना चाहते है तब आप search engine में search करते है अपने टॉपिक को और फिर गूगल सर्च इंजन आपको कई सारे आर्टिकल दिखाते है जैसे आप कही पर सामान खरीदने गये हो और आप सामान को Change कर-कर के देख रहे हो , ठीक उसी प्रकार आपको google द्वारा आपको आपके interest का टॉपिक आपको दिया जाता है .चुकी आप, नहीं जानते है की google के search engine के पहले page पर रैंक कर रही वेबसाइट के मालिक ने कितने seo किये होंगे .आप ने देखा होगा की कुछ आर्टिकल search engine में टॉप पर होते है तो कुछ निचे आप जानते है की यह सब seo का ही खेल है जो blogger seo में Expert है वो बस हीरो ही है . आज के इस आर्टिकल में हम देखने वाले है उसी seo के एक type को kyuki हमने Off-Page seo पहले ही जान चुके है .तो अब हम आगे जानते है .
On-Page SEO क्या है ?? ( What Is On-Page Seo In Hindi )
दोस्तों आप अपने वेबसाइट में google के algorithm के हिसाब से ही Changes या बदलाव करते है जिसे ही On-Page seo कहा जाता है . एक दुसरे भाषा में अगर कहे तो हम अपने वेबसाइट में या webpage में जो Changes करते है जिससे की वो google के Organic Traffic ला सके .
आपके वेबसाइट पर ट्रैफिक आने लगते है जब भी आप On-Page seo करते है . On-Page seo को On-Site seo भी कहा जाता है जिसका मतलब है की साईट में,साईट के setting में Optimization करना .
दोस्तों On-Page seo आप ही control करते है या यूँ कहे की आप उसको जब चाहे तब बदल सकते है , किसी भी वेबसाइट पर organic ट्रैफिक लाने के लिए On-Page seo करना बहुत जरुरी है , दोस्तों अब हम आगे बढ़ते है और जानते है उस factors को जिस के कारण हम On-Page seo कर सकते है .
On-Page SEO के Factors या On-Page SEO कैसे करे ??? ( How To Do On-Page SEO In Hindi )
दोस्तों हम इस factors की मदद से अपने वेबसाइट को Google के search engine में Top Rank पर ला सकते है , चुकी उसके लिए हम On-Page seo technique समझना होगा साथ ही वो भी Factors जानना होगा जिससे On-Page seo होगा . तो आईये हम जानते है वो factors
---Meta Tag
---Site Structure
---Social Media Button
---Headings Tag
---Title-Tag
---Image Optimization Seo
---URL Structure
---Highlighted Important Keywords
---HTML Source Code
---Post Content
---Internal Links
---Site Loading Speed
दोस्तों तो ये सब थे On-Page SEO के Factors चुकी इसके अलावा भी और है लेकिन मैंने important factors ही यंहा पर बताया है दोस्तों अब बात हम करते है इसके Practicle इस्तेमाल के बारे में की कहा क्या-क्या इस्तेमाल होता है .
On-Page SEO Factors का इस्तेमाल क्या है ( On-Page SEO technique in Hindi )
तो दोस्तों अब हम पहले बात करते है Meta Tag के बारे में की इसका कहा इस्तेमाल किया जाता है On-Page SEO technique में .
1.Meta Tag
दोस्तों जब भी कोई इंसान अपना एक ब्लॉग या वेबसाइट बनाता है तो उसे एक अपना वेबसाइट address देना होता है फिर उस address से पता चलता है की आपका ब्लॉग या वेबसाइट का नाम क्या है , लेकिन जब आप वेबसाइट बनाते है तब आपको वेबसाइट के setting में जाकर meta tag को बनाना होता है . मतलब की आप उस वेबसाइट या ब्लॉग में लोगों या user को क्या दिखाना चाहते है साथ ही अगर आप meta tag लगाते है तब आपके seo में अच्छा impact मिलता है, जो blogger wordpress इस्तेमाल करते है उसके आर्टिकल में दो चीज़ तो दिखता ही है title tag और डिस्क्रिप्शन tag और ये दोनों ही meta tag में ही आते है , लोगों का कहना है की meta tag के keywords का आज-कल seo होने में कोई फर्क नहीं पड़ता है लेकिन दोस्तों आपको meta tag तो देना ही चाहिए kyuki कही - न -कही यह भी आपको benifits ही देते है .
2.Site Structure
दोस्तों site structure का मतलब यह है की आप ने जो वेबसाइट अपने नाम कर लिया है उसका design user फ्रेंडली, seo friendly होना चाहिए .मतलब की अगर आप के वेबसाइट पर कोई user आता है तो उसे Navigate करने या कोई information को खोजने में दिकत ना आये . साथ ही आपके वेबसाइट का डिजाईन user friendly होना चाहिए और responsive भी होना चाहिए .मतलब की आप अपने वेबसाइट को जिस shape में लाना चाहे ला सकते है . आप तो जानते ही है की आज-कल बहुत से लोग अपना काम फ़ोन से ही करते है और अगर वो आपके वेबसाइट पर आते है पर आपका वेबसाइट Responsive नहीं होगा तो वो आपके वेबसाइट से कोई भी information नहीं ले पायेगा .इसीलिए आपके वेबसाइट के design और site structure बिलकुल proper तरीके से होने चाहिए .
3.Social media Button
आप ने जरुर Notice किया होगा की जब भी आप मेरे वेबसाइट पर आते है और आर्टिकल को पढ़ते है तब मेरे इस वेबसाइट पर आपको right side में और आर्टिकल खत्म होने के बाद कुछ social media के sharing button दीखते है और यह इसीलिए होता है ताकि जब भी आपको कोई आर्टिकल पसंद आ जाता है तो आप उसे share कर सकते है .
4.Heading-Tag
दोस्तों आप ने जब इस आर्टिकल को देखा तब आप ने पहले ही जान लिया था की इस आर्टिकल का टॉपिक क्या है, तभी तो आप आये थे आप ने जो देखा था उसे Heading कहा जाता है और जो आर्टिकल के अन्दर दिया जाता है उसे Sub-Heading कहा जाता है, मतलब आप मेरे इस आर्टिकल में देख सकते है की मैंने जो भी सवाल किये है वो सब Sub-Heading है यानी की Heading के मुकावले Size कम होना . मतलब आप जब On-Page seo करते है तब आपको Heading-Tag का काफी ध्यान रखना होता है की जो आप Heading में tag देंगे वही Description और आर्टिकल-tag में भी देंगे .
5.Title-Tag
अब आप मान लीजिये की मेरे इस आर्टिकल का नाम है On-Page-seo-kya-hai-in-hindi, लेकिन आप तो सिर्फ Heading यानी Title को देखते है जिसमे एक या दो ही वाक्य में आर्टिकल के नाम लिखे होते है , लेकिन अगर आप इस आर्टिकल के निचे देखे तो कुछ और भी tag है , जो मेरे इस आर्टिकल से ही related है ,तो उसे ही Title-Tag कहा जाता है जो छोटे-छोटे में आपके आर्टिकल के बारे में बताता है . और, ये काफी मदद करते है On-Page-seo में .
6.Image Optimization Seo
दोस्तों आपने देखा होगा की किसी के ब्लॉग का Image quality काफी खराब होता है तथा वो पूरे तरह से दीखते भी नहीं है दोस्तों, जब हम वेबसाइट को इस्तेमाल करते है तब हमे Image का optimization भी उतना ही जरुरी है जितना की किसी आर्टिकल का, आप अगर अपने वेबसाइट में बड़े साइज़ के image डालते है तो website loding स्पीड कम हो जाता है और अगर आप ने छोटे image use करते है तो image की quality में अंतर हो जाता है इसीलिए आपको image इस्तेमाल करने से पहले उसे compress कर लेना चाहिए साथ ही आपको image का seo भी करना चाहिए आप जो भी image use करते है उसके Properties में जाकर आप alt tag लगा सकते है और image title description दे सकते है . यह सभी seo के नजर से काफी useful होता है .
7.URL Structure
दोस्तों आप मेरे इस वेबसाइट के लिंक के साथ -साथ मेरे इस आर्टिकल के टॉपिक को भी ऊपर url में देख सकते है . मतलब यह है की आप का जिस भी टॉपिक से related आर्टिकल है आपको उसी के हिसाब से url structure सेट करने चाहिए . url से भी seo किया जाता है , आपके वेबसाइट का url काफी relavent होना चाहिए आपके tag और आर्टिकल के title के मुकाबले तो भी आप के वेबसाइट का आर्टिकल search engine में rank कर सकता है .
8.Highlighted Important Keywords
अब आप मान लीजिये की मेरे इस आर्टिकल का नाम है On-Page-seo-kya-hai-in-hindi और यही मेरा एक important Keyword है जिसे मैंने अपने इस आर्टिकल के हर एक जगह पर इस्तेमाल किया है , ठीक इसी प्रकार आपके भी एक Highlighted Important Keyword होना चाहिए जो आपके title होते है. आप के description tag में होने चाहिए , आपके image seo के लिए होना चाहिए .इस सबसे आपको काफी मदद मिलता है आपके वेबसाइट कोTop rank में आने के लिए. तो आप भी अपने टॉपिक से related एक या कई सारे keywords Find कर सकते है और आप उसे अपने आर्टिकल में इस्तेमाल कर सकते है .
9.HTML Source Code
आप अगर कोई tool देखते है किसी के वेबसाइट पर तो वो HTML में coding कर के किया जाता है और यह on-page-seo होता है , चुकी अगर आप blogspot.com पर ब्लॉग बनाते है जैसे की मेरा है तो आप Theme के Option में जा कर HTML file को edit कर सकते है और जब आप अपने वेबसाइट के लिए google search console करते है यानी अपने वेबसाइट को गूगल के search engine में लाने के लिए submit कराते है तब, google analytic करते है तब आपको इसके html code को HTML Source Code file में जा कर Paste करना होता है, चुकी यह सभी process on-page-seo होता है .
10.Internal Linking
जब भी आप अपने ही वेबसाइट के कोई और आर्टिकल को अपने Current आर्टिकल में Link करते है तो उसे ही Internal Linking कहते है , आपको बता दूँ की Internal Linking बहुत जरुरी है किसी भी वेबसाइट के लिए kyuki मान लीजिये कोई user आता है जो आपका आर्टिकल पढता है और पढ़ते ही आप कुछ दुसरे आर्टिकल के लिंक देते है जो इसी आर्टिकल से related होता है तो आपके वेबसाइट का clicking rating बढ़ता है जिस कारन आपके वेबसाइट search engine में भी आ सकता है , तो मेरा suggestion है की आप जरुर करे Internal Linking को आपके लिए फायदा रहेगा .
11.Post content
अब आप मान लीजिये की आप ने सभी प्रकार के tag,description tag, Heading tag और Sub-Heading दे दिए है . उसके बाद आपको यह भी देखना है की आपने जो content लिखा है वो user के लिए कैसा दिखेगा और क्या वो समझ पायेगा की नहीं आपको यह भी ध्यान में रखना है . आपको बता दूँ की आपका वेबसाइट कभी भी Rank नहीं करेगा जब तक आप अच्छे से content न लिखते है ,चुकी आप जो भी seo करते है उसे भी Over ना करे मेरा मतलब है की limit में ही करे kyuki आप जानते है की google अपना algorithm बदलता रहता है जिसके कारन आपका वेबसाइट अभी तो rank कर जाएगा पर नये algorithm के कारन आपके वेबसाइट का रैंकिंग निच्चे गिर जाएगा ये आपको ध्यान रखना है .
और आखिर में सबसे important factor है जो वेबसाइट के लिए काफी मायिने रखता है
12.Site Loading Speed
आप ने गौर किया होगा की कुछ वेबसाइट का जो loding speed होती है वो after 4 सेक. की होती है जिस वजह से 40% user उस site को छोड़ देते है ,मतलब यह है की google में आपकी वेबसाइट rank करे इसके लिए आपको अपने वेबसाइट की Loding speed बढ़ानी होगी. आप जानते है की e-commerce website कितना ज्यादा कमाते है उसी में से सबसे famous है Amazon.in उसने कहा था की हमे monthly 1.5 sec. की देरी की वजह से हमे करोड़ो के नुक्सान भुगतने पड़ते थे मतलब आप के वेबसाइट loding speed ज्यादा से ज्यादा होनी चाहिए .ताकि आपका कोई नुक्सान ना हो.
तो दोस्तों आप जान गये है की on-page-seo-क्या है और इसके कौन-कौन से factors है, साथ ही आपने जाना की कैसे हम अपने वेबसाइट को Top rank में ला सकते है By All Methods Of seo.So, Hey, दोस्तों आज के लिए बस इतना ही अगर आप के मन में कोई भी सवाल है तो आप पूछ सकते है .जय हिन्द जय भारत
Posted By Ainesh Kumar


mast hai bhai!
ReplyDelete